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पत्रकारिता समाज में चेतना का संचार करती हैं: विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर

मप्र प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह संपन्न अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और त्वरित न्याय से ही ‘विकास’ संभव : न्यायमूर्ति अग्रवाल

Rahul Shrivas Rahul Shrivas - Editor-in-Chief
  • October 19, 2026 04:05 PM
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33
गौरवशाली वर्ष
18
प्रतिभाएं सम्मानित
5.5 Cr
लंबित मुकदमों पर चिंता

भोपाल। समाज को दिशा देने वाली पत्रकारिता और साहित्य की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करता हुआ मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित ‘मप्र रत्न अलंकरण समारोह–2025’ न केवल प्रदेश की प्रतिभाओं के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि सामाजिक सरोकारों, न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूल प्रश्नों पर गंभीर विमर्श का मंच भी बना।

"पत्रकारिता और साहित्य दोनों ही समाज की चेतना को दिशा देते हैं। आज के समय में लगभग हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में ‘अवमूल्यन’ दिखाई देता है, ऐसे समय में मप्र प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।"

— नरेन्द्र सिंह तोमर, विधानसभा अध्यक्ष

समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य दोनों ही समाज की चेतना को दिशा देते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लगभग हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में ‘अवमूल्यन’ दिखाई देता है, ऐसे समय में मप्र प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

श्री तोमर ने प्रदेश का मान बढ़ाने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में यह आयोजन किसी शिक्षण संस्था के सहयोग से उसके परिसर में किया जाए, ताकि विद्यार्थी सीधे इन विभूतियों से संवाद कर प्रेरणा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि इन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उन्हें स्वयं भी गौरव की अनुभूति हो रही है। साथ ही, पत्रकारों के हित में क्लब द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

गरीबों के लिए सरल और सुलभ न्याय अनिवार्य : न्यायमूर्ति अग्रवाल

श्रीराम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक निर्णय देने वाले न्यायमूर्ति श्री सुधीर अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि हम वास्तव में देश और समाज के विकास की बात करते हैं, तो गरीब और सामान्य नागरिक को अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा। यही एक स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है।

ग्राफ 1: भारतीय अदालतों में मुकदमों की स्थिति (एक अनुमानित तुलनात्मक दृश्य)।

उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ से अधिक जनता के लिए एक ही सुप्रीम कोर्ट से समय पर न्याय मिलना व्यावहारिक नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि देश की चारों दिशाओं और प्रमुख राज्यों में सुप्रीम कोर्ट की और बेंच स्थापित हों।

न्यायमूर्ति अग्रवाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज संपन्न वर्ग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना नहीं चाहता, क्योंकि वहां व्यवस्थाओं और सुविधाओं का अभाव है। यदि शासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोग स्वयं या अपने परिजनों को इन संस्थानों में भेजें, तो वास्तविक स्थिति से परिचित होंगे और व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि जिम्मेदार लोग अपने बच्चों की शिक्षा और इलाज सरकारी संस्थानों में ही कराएं।

बॉक्स : सबको मिले समान न्याय

"न्यायमूर्ति अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज देश में आम आदमी न्याय के लिए भटक रहा है। देश की अदालतों में लगभग साढ़े पांच करोड़ मुकदमे लंबित हैं। संपन्न वर्ग के मामलों में अदालतें रातों-रात खुल जाती हैं और त्वरित सुनवाई हो जाती है, जबकि आम आदमी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तक के लिए संघर्ष करता है। यह स्थिति समान न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां हर नागरिक को समान, सरल और शीघ्र न्याय मिल सके।"

विकास के 3 अनिवार्य स्तंभ

📚
उत्तम शिक्षासभी नागरिकों के लिए
🏥
स्वास्थ्य सुविधाएंसुलभ और सस्ती
⚖️
त्वरित न्यायसमान और शीघ्र

भाषायी मर्यादा और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा में मीडिया की भूमिका

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ध्यानश्री स्वामी शैलेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज समाज में भाषायी असहिष्णुता बढ़ रही है। इसकी मर्यादा की रक्षा में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और उसे यह दायित्व निभाना भी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आचरण और आवरण में भेद नहीं होना चाहिए। महाराजश्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि आज तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में देखा जाने लगा है, जबकि तीर्थाटन और पर्यटन के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। तीर्थों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अपने बहुआयामी जीवन अनुभव—फिल्म अभिनेता, क्रिकेट कमेंटेटर, पत्रकारिता, राजनीति और संत जीवन—साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की माटी ने उनके जीवन को बार-बार नया स्वरूप दिया है। उन्होंने मप्र प्रेस क्लब के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों का सम्मान करना वास्तव में गौरव का विषय है।

ग्राफ 2: पुरस्कार वितरण श्रेणियों का अनुपात।

सामाजिक दायित्व निभा रहा है मप्र प्रेस क्लब

कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत वक्तव्य देते हुए मप्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने क्लब की गतिविधियों और उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मप्र प्रेस क्लब प्रतिवर्ष उन विभूतियों का सम्मान करता है, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम, प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इसके पीछे क्लब की मंशा समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने की है।

दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। क्लब की ओर से डॉ. शिशिर उपाध्याय, अजय प्रताप सिंह, राजेन्द्र शर्मा, रोमा मल्होत्रा, महेन्द्र बैस, राजेश सिंह भदौरिया, विनोद नागर तथा महेन्द्र शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। आभार प्रदर्शन महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने किया, जबकि कार्यक्रम का सुसंगठित संचालन आशीष दवे ने किया।

कार्यक्रम का प्रवाह

  • 🔹 स्वागत: डॉ. नवीन आनंद जोशी (अध्यक्ष)
  • 🔹 उद्बोधन: विस अध्यक्ष व न्यायमूर्ति
  • 🔹 सम्मान: 18 विभूतियों का अलंकरण
  • 🔹 आभार: डॉ. शिशिर उपाध्याय

इन विभूतियों का हुआ सम्मान

समारोह में देश-विदेश में मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों को ‘मप्र रत्न’ और ‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत किया गया। दोनों ही श्रेणियों में नौ-नौ विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

‘मप्र रत्न’ से सम्मानित विभूतियां—

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर पद्मश्री सुशील दोषी, विश्वविख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली, अमर उजाला समूह के डिजिटल हेड एवं वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कर्णिक, ‘वन शॉट मूवी’ दिल्ली–2020 के निर्माता-निर्देशक देवेन्द्र मालवीय, अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में पहचान बनाने वाले मुमताज़ खान, टीवी9 भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गौतम, प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर अमृता जोशी, आईएनएस 24×7 की न्यूज़ एडिटर सोनल भारद्वाज, तथा लोकप्रिय वेब सीरीज कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक प्रीतिश मेहता।

‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत विभूतियां—

एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी (कारगिल विजय के नायक), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी चित्रा बाजपेई (विक्रम अवॉर्डी), प्रो. संजय द्विवेदी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली), नीता दीप वाजपेई (महिला सशक्तिकरण ब्रांड एंबेसडर), श्रीमती पूनम चौकसे (एलएनसीटी यूनिवर्सिटी), ऋषि राज सिंह सिसोदिया (डायरेक्टर, इफको, नई दिल्ली), विख्यात चित्रकार सुलेखा गुर्जर, प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ. शिवदयाल बर्डे, तथा अभिषेक गोयल (ग्लोबल स्कॉलर)।

श्रेणी नाम क्षेत्र / उपलब्धि
मप्र रत्न पद्मश्री सुशील दोषी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर
मप्र रत्न कलापिनी कोमकली शास्त्रीय गायिका
मप्र रत्न जयदीप कर्णिक वरिष्ठ पत्रकार (डिजिटल)
मप्र श्री एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी कारगिल विजय नायक
मप्र श्री चित्रा बाजपेई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (विक्रम अवॉर्डी)
मप्र श्री प्रो. संजय द्विवेदी पूर्व महानिदेशक, IIMC

* उपरोक्त तालिका में चुनिंदा नाम शामिल हैं।

[removed][removed] [removed] // Disable animations for static requirement Chart.defaults.animation = false; Chart.defaults.responsive = true; // Maintain aspect ratio can be false to allow height control via CSS container Chart.defaults.maintainAspectRatio = false; // Chart 1: Pending Cases Bar Chart const ctxCases = document.getElementById('pendingCasesChart').getContext('2d'); new Chart(ctxCases, { type: 'bar', data: { labels: ['लंबित मामले (करोड़)', 'अनुशंसित बेंच'], datasets: [{ label: 'न्यायिक आँकड़े', data: [5.5, 4], // 5.5 crore cases, 4 regional benches recommended backgroundColor: ['#E63946', '#457B9D'], borderRadius: 5 }] }, options: { plugins: { legend: { display: false }, title: { display: true, text: 'न्यायिक भार बनाम समाधान (प्रतीकात्मक)' } }, scales: { y: { beginAtZero: true } } } }); // Chart 2: Awards Distribution Donut Chart const ctxAwards = document.getElementById('awardsChart').getContext('2d'); new Chart(ctxAwards, { type: 'doughnut', data: { labels: ['मप्र रत्न', 'मप्र श्री'], datasets: [{ data: [9, 9], backgroundColor: ['#E63946', '#457B9D'], hoverOffset: 4 }] }, options: { plugins: { legend: { position: 'bottom' }, title: { display: true, text: 'पुरस्कार वितरण (कुल-18)' } } } }); [removed]

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