02 November 2026, Monday Bhind, Madhya Pradesh 27.9°C
ताज़ा खबर

ग्वालियर में जरा सी बारिश से खुली दावों की पोल:जहां विधायक पानी में धरने पर बैठे थे, वहां आज भी हालात जस की तस

Rahul Shrivas Rahul Shrivas - Editor-in-Chief
  • October 19, 2026 04:05 PM
  • 4 views
ग्वालियर में जरा सी बारिश से खुली दावों की पोल:जहां विधायक पानी में धरने पर बैठे थे, वहां आज भी हालात जस की तस
ग्वालियर में बीते दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़कर रख दी है। रिमझिम फुहारों में ही शहर की निचली बस्तियां जलमग्न हो गई हैं और नालों का पानी सड़कों से लेकर लोगों के घरों-दुकानों में घुस गया है। शहर के शंकरपुर, जागृति नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, लधेड़ी और फूलबाग मोती मस्जिद क्षेत्र में जलभराव के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। 'दैनिक भास्कर' की टीम ने ग्राउंड पर जाकर जब पड़ताल की, तो शासन-प्रशासन के तमाम दावों की हवा निकलती नजर आई। कांग्रेस विधायक पानी में बैठे, लेकिन प्रशासन पर नहीं हुआ कोई असर शंकरपुर इलाके के मुख्य मार्ग पर सड़क पूरी तरह नदी में तब्दील हो चुकी है, जहां घुटनों तक पानी भरा हुआ है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने स्थानीय निवासियों के साथ इसी पानी में बैठकर अनोखा प्रदर्शन किया था और भाजपा सरकार से जल निकासी की मांग की थी। हालांकि, विधायक के जल-सत्याग्रह के दो दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है। बल्कि पहले से भी ज्यादा पानी यहां भर गया है। लोगों के घरों में पानी भरा है और महिलाएं बच्चे घुटनों से भरे पानी से निकलने पर विवश हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेता आते हैं वादे करते हैं, लेकिन हालात नहीं बदलते। जब भी बारिश होती है यहां सड़कें नदियों में बदल जाती हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में गड्ढों में समा रहे लोडिंग वाहन, व्यापारी परेशान शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ट्रांसपोर्ट नगर का हाल भी बदतर है। यहां की सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। स्थानीय व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि जलभराव के कारण सड़कों के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हर दिन 10 से 15 लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर गड्ढों में पलट रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। जब दैनिक भास्कर की टीम वहां पहुंची तो हकीकत भी ऐसी ही देखने को मिली। रात को हुई बारिश के बाद पूरे ट्रांसपोर्ट नगर में सड़कों पर तालाब सा बन गया है। वाहनों व लोगों को इन्हीं तालाब बनी सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है। जागृति नगर के घरों में भरा पानी शहर के गोल पहाड़िया लक्ष्मीगंज इलाका स्थित जागृति नगर में भी बारिश से बुरा हाल है। जरा सी बारिश से जागृति नगर में घुटनों तक पानी भर गया है। लोगों के घरों में पानी भरा तो आसपास रहने वालों ने नगर निगम को सूचना दी। आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अमिताभ पांडेय ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो चलाकर प्रशासन को घटना से परिचित कराया, लेकिन हालात जस के तस हैं। अपने आप ही पानी उतर गया, लेकिन नगर निगम व प्रशासन से कोई भी मदद नहीं मिली। नागरिकों का आरोप- सो रहा है शासन-प्रशासन स्थानीय रहवासियों का कहना है कि नगर निगम अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक दर्जनों शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। लोगों का आरोप है कि जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था न होने से हर बारिश में उन्हें इसी नरकीय स्थिति का सामना करना पड़ता है, जबकि जिम्मेदार प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय निवासियों की पुकार: "नेताओं के धरने और शिकायतों के बाद भी अगर दो दिन में पानी निकासी का इंतज़ाम नहीं हो सका, तो भारी बारिश में पूरा इलाका डूब जाएगा। नगर निगम को तुरंत पंप लगाकर पानी निकलवाना चाहिए।" इन इलाकों में बाढ़ का संकट, प्रशासन की चेतावनी ग्वालियर में पहसारी बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में अति वर्षा होने एवं मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी व बांध के जल स्तर में निरंतर वृद्धि होने से बांध की सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित जल भराव क्षमता के उपरांत बांध के बेस्ट वियर से व हरसी स्लूस खोलकर पानी की निकासी की जा सकती है। जो कि महुअर नदी के द्वारा पार्वती नदी में जाएगा जिससे पंजाबी पुरा, हीरापुरा, मोहना, बरसाना, इन्द्रा कालोनी, इत्यादि सभी गांव एवं सभी आम जन को सूचना दी जाती है की नदी के तटबंध एवं आसपास के क्षेत्रों से दूर रहें सुरक्षित स्थानों पर रहें एवं अन्य नागरिकों को भी सूचित करें। ग्वालियर के तिघरा में दो दिन में आया एक महीने का पानी ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा जलाश्य के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के चलते दो दिन में तिघरा में 1.70 फीट पानी बढ़ गया है। जिसके बाद तिघरा का जलस्तर 730.30 फीट तक पहुंच गई है। दो दिन में जो पानी तिघरा में बढ़ा है उससे एक महीने तक शहर की प्यास बुझाई जा सकती है। तिघरा की कुल क्षमता 740 फीट है। डैम पुराना होने पर इसे 739 फीट तक ही भरा जाता है और उसके बाद गेट खोल दिए जाते हैं।
How do you feel about this news?

Comments (0)

Please keep comments respectful.

No comments yet. Be the first to comment!

Related News

See All
Ad

Sponsored

पत्रकार सत्यापन

Enter Reporter ID or Mobile Number to verify accreditation with News Guru 24